CRPF INSPECTOR PROMOTION : CRPF में NGO कैडर रिव्यू के बाद बदला पद संरचना संतुलन : अब Group – A कैडर रिव्यू से जुडी उम्मीदें और आशंकाएँ
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में किए गए नॉन-गजटेड ऑफिसर्स (NGO) कैडर रिव्यू को बल के इतिहास में एक अहम प्रशासनिक काम के रुप में देखा जा रहा था। इस कैडर रिव्यू का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष प्रभाव कंपनी स्तर पर देखने को मिला, जहां पहले एक कंपनी में मात्र एक इंस्पेक्टर की स्वीकृत पोस्ट हुआ करती थी, वहीं अब तीन इंस्पेक्टर तैनात किए हैं। इस बदलाव का परिणाम यह हुआ कि बड़ी संख्या में सब-इंस्पेक्टर (SI) को इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नति मिली, जिससे वर्षों से चली आ रही पदोन्नति Stagnation कुछ हद तक कम हुई।
यह सुधार NGO कैडर के लिए निश्चित रूप से राहत भरा रहा, लेकिन इसके साथ ही एक गंभीर संरचनात्मक असंतुलन उभरकर सामने आया है, जो अब Group – ‘A’ यानी गजेटेड ऑफिसर्स के कैडर रिव्यू से सीधे तौर पर जुड़. गया है।
CRPF INSPECTOR PROMOTION: कंपनी स्तर पर बदली तस्वीर
पहले पारंपरिक रूप से CRPF की एक कंपनी में कमांड स्ट्रक्चर इस प्रकार रहा था :
- एक कंपनी कमांडर – असिस्टेंट कमांडेंट (AC)
- एक इंस्पेक्टर, अधीनस्थ अधिकारी व जवान
NGO कैडर रिव्यू के बाद इंस्पेक्टर की संख्या एक से बढाकर तीन हो गई, लेकिन असिस्टेंट कमांडेंट की संख्या अभी भी एक ही बनी हुई है।
यही से असंतुलन की शुरुआत होती है। जब अधीनस्थ स्तर पर प्रमोशन के अवसर बढते है, लेकिन उससे ऊपर के पद स्थिर रहते हैं, तो इसका सीधा असर भविष्य की पदोन्नतियों पर पड़ता है।
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CRPF INSPECTOR PROMOTION : इंस्पेक्टर कैडर के सामने प्रमोशन का उभरता संकट
आज स्थिति यह हैं कि हजारों इन्सपेक्टर ऐसे है जिन्होनें लम्बे समय तक सेवा दी है, फिल्ड में कठिन परिस्थितियों में जिम्मेदारी निभाई हैं और अब वे असिस्टेंट कमांडेंट ( Group A) में promotion की valid अपेक्षा रखते हैं। लेकिन अगर Group A कैडर रिव्यू में AC की संख्या नहीं बढ़ाई गई तो इन इन्सपेक्टरों के लिए पदोन्नति का रास्ता कठिन हो जायेगा।
स्पष्ट शब्दों में कहा जाए तो NGO कैडर रिव्यू ने इन्स्पेक्टरों की संख्या बढ़ा दी लेकिन Group A में प्रवेश का गेट उतना ही संकरा रह गया I इससे आने वाले समय में इन्सपेक्टर रैंक में भीषण प्रमोशन stagnation पैदा हो जायेगा I
CRPF INSPECTOR PROMOTION : Group ‘A’ कैडर रिव्यू से जुड़ी उम्मीदें
वर्तमान में गृह मंत्रालय ने सभी CAPFs की Group A अधिकारीयों के कैडर रिव्यू प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करते के निर्देश दिये हैं। यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश में आया हैं जिसमें Group A अधिकारीयों को” Organised service for all purpose” के रूप में मान्यता दी गई थी।
CRPF के संदर्भ में Group A कैडर रिव्यू केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं बल्कि यह Inspector से AC प्रमोशन का भविष्य भी है। यह अधिकारियों की मनोबल और फोर्स की Command Efficiency को सीधे प्रभावित करेगा।
यदि इस कैडर रिव्यू में CRPF में Assistant Commandant की संख्या बढ़ाई जाती है, कंपनी, बटालियन, और सेक्टर स्तर पर नई AC पोस्ट बनाये जाती हैं, तो यह सुधार वास्तव में जमीनी स्तर तक असर दिखायेगा I
यदि Assistant Commandant की संख्या नहीं बढ़ी तो क्या होगा?
अगर Group A कैडर रिव्यू में AC की स्वीकृत संख्या यथावत रखी जाती है तो इसके परिणाम बेहद नकारात्मक हो सकते हैं :-
1. Inspector वर्षो तक प्रमोशन के इन्तजार में रिटायर ही जायेंगें I
2. NGO कैडर में फिर से असंतोष और निराशा फैलेगी।
3. “Fast promotion at lower level but total blockage at higher level” जैसी स्थिति बन जायेगी।
यह स्थिति किसी भी सशस्त्र बल के दिए स्वस्थ्य नहीं मानी जा सकती हैं।
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NGO कैडर रिव्यू ने जहाँ एक ओर सब- इन्सपेक्टर से इन्सपेक्टर तक promotion आसान किया, वहीं दूसरी ओर उसने यह भी स्पष्ट किया कि अधीनस्थ कैडर और Group- A को अलग-अलग नहीं रखा जा सकता है। अब जब Group A कैडर रिव्यू का समय आया हैं, तो यह CRPF और MHA दोनों के लिए एक निर्णायक अवसर है, यदि इस अवसर पर AC की संख्या नहीं बढ़ाई गई, तो NGO कैडर रिव्यू के सकारात्मक प्रभाव कुछ ही वर्षो में निष्प्रभावी हो जायेंगें।
एक संतुलित, दूरदर्शी और जमीनी हकीकत पर आधारित Group A कैडर रिव्यू ही स्थायी समाधान और स्वस्थ्य promotion system सुनिश्चित कर सकता हैं।
(नोट:- लेखक दीपक कुमार, अर्द्धसैनिक बल से रिटायर इंस्पेक्टर हैं और इस लेख में लिखे विचार लेखक के निजी है।)

