Paramilitary News

NAXAL : 375 दिन में नक्सलवाद खत्म, शाह की गारंटी को पूरा करने में जुटे सशस्त्र बल, अब सरेंडर या गोली ही विकल्प

NAXAL : छत्तीसगढ़ में 30 नक्सली ढेर, कब तक खत्म होगा नक्सलवाद? गृह मंत्री अमित शाह ने दे दी डेडलाइन

NAXAL : अब नक्सलियों के लिए जंगलों में अधिक दूरी तक पीछे भागना भी संभव नही हो रहा। उनकी सप्लाई चेन कट चुकी है। नक्सलियों की नई भर्त्ती तो पूरी तरह बंद हो चुकी है। इतना ही नही, घने जंगलों में स्थित नक्सलियों के ट्रेनिंग सेंटर भी तबाह किए जा रहे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में अहम घोषणा करते हुए कहा कि 31 मार्च 2026 से पहले देश के सभी हिस्सों से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया है। 375 दिन मे नक्सली खत्म, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की इस गारंटी हां पूरा करने में सीआरपीएफ, डीआरजी, एसटीएफ, बीएसएफ और आईटीबीपी के जवान जुट गए हैं।

NAXAL : एक्शन में दिखी रही है CRPF

NAXAL

हालांकि, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में प्रमुख जगहों पर सीआरपीएफ (CRPF) और इसकी विशेष इकाई ‘ कोबरा’ ही माओवादियों से लोहा ले रही है। इन बलों ने ऐसी रणनीति बनाई है,  जिसमें नक्सलियों के पास दो ही विकल्प, ‘ सरेंडर’ करो या ‘ गोली’ खाओ, बचें है। अब ऐसा कोई इलाका नहीं  बचा है, जहां सुरक्षा बलों की पहुंच न हो। वे महज 48 घंटे में ‘फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस’ स्थापित कर आगे बढ रहे हैं। अब नक्सलियों के लिए जंगलों में अधिक दूरी तक पीछे भागना भी संभव नहीं हो रहा है। उनकी सप्लाई चेन कट चुकी है। नक्सलियों की नई भर्त्ती तो पूरी तरह बंद हो चुकी है। इतना ही नही, घने जंगलों में स्थित नक्सलियों के ट्रेनिंग सेंटर भी तबाह किए जा रहे हैं।

NAXAL : क्या है शाह जी का प्लान 

आगामी 375 दिनों में नक्सलवाद खत्म हो जाएगा, गृह मंत्री की इस मुहिम का असर दिखने लगा है। घने जंगल में और नक्सलिय़ों के गढ़. पहुंचकर सीआरपीएफ व दूसरे बलों के जवाऩ 48 घंटे में ‘फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस’ स्थापित कर रहे है। अब इस एफओबी के चक्रव्यूह में फंसकर नक्सली मारे जा रहे है।  सुरक्षा बलों ने ऐसा जाल बिछाया है की जिसमे नक्सली के पास दो ही विकल्प बचते है। एक, वो सरेंडर कर दें और दूसरा, सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में गोली खाने के लिए तैयार रहे। नक्सलियों के गढ़ में  अभी तक़ 290 से ज्यादा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं। 2024 में 58 कैंप स्थापित हुए थे। इस वर्ष 88 कैंप यानि एफओबी स्थापित किए जाने के प्रस्ताव पर काम शुरू हो चुका है। ये कैंप नक्सल के किले को ढहाने ये आखिरी मिल साबित हो रहे हैं, इससे यह बात साफ है कि तय अवधि मे नक्सलवाद को खत्म कर दिया जाएगा। सुरक्षा बल, नक्सलियों के गढ़. में जाकर उन्हें ललकार रहे हैं।

यह भी पढ़े – 8th Pay Commission : कर्मचारी संगठन की मांग, OPS लागू हो, कोरोनाकाल के दौरान रोके गए महंगाई भत्ते जारी हो….

SOURCE – AMARUJALA

Exit mobile version