8th Pay Commission : भारत सरकार ने वेतन आयोग में निदेशक के पद पर की नियुक्ति

8th Pay Commission : भारत सरकार ने 8वें वेतन आयोग में Director के पद पर की नियुक्तियाँ

भारत सरकार के प्रशासनिक गलिय़ारों में इन दिनों एक महत्वपूर्ण हलचल देखी जा रही है। हाल ही में कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय (DoPT) द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश ने देश के लाख़ों केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच नई उम्मीद जगा दी है। यह आदेश सीधे तौर पर 8वें वेतन आयोग के प्रशासनिक ढांचे को तैयार करने से संबंधित है।

दिनांक 12 फरवरी 2026 को जारी कार्यालय ज्ञापन संख्या 18/1/2025-EO(MM-II) के अनुसार, सरकार ने 8वें वेतन आयोग के लिए निदेशक (Director) पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है। यह कदम न केवल नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है, बल्कि यह इस बात का भी संकेत है कि सरकार अब वेतन आयोग के गठन की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।

कार्मिक मंत्रालय के स्थापना अधिकारी कार्यालय से जारी इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि ‘ कैबिनेट की नियुक्ति समिति, ने श्री कृष्ण वी आर (IRAS- 2009) की नियुक्ति को मंजूरी दी हैं।

8th Pay Commission

8th Pay Commission : इस नियुक्ति की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं …

• पद और विभाग : श्री कृष्ण वी आर को व्यय विभाग ( Department of Expenditure) के तहत 8वें केन्द्रीय वेतन आयोग में निदेशक़ के रूप में नियुक्त किया गया है।

• नियुक्ति का आधार : यह नियुक्ति लेटरल शिफ्ट (Lateral shift) और Deputation के आधार पर की गई है।

कार्यालय की अवधि :-

यह नियुक्ति 8वें वेतन आयोग के कार्यकाल के साथ सह-संबद्ध ( Co-terminus) होगी। इसकी अधिकतम सीमा 17 सितम्बर 2029 तक या अगले आदेश तक निर्धारित की गई है। श्री कृष्ण के डेपुटेशन क़ार्यकाल की गणना 18 सितंबर 2024 से प्रभावी मानी गई है।

8th Pay Commission : 8वें वेतन आयोग का महत्व और संदर्भः

भारत में केन्द्रीय वेतन आयोग ( 8th Pay Commission ) का गठन हर दस साल में एक बार किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य केन्द्रीय कर्मचारियों के वेतन ढांचे, भत्तों, पेंशन और अन्य लाभों की समीक्षा करना और उनमें सुधार के सुझाव देना है। इससे पहले 7वें वेतन आयोग का गठन 2014 में किया गया था और इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू हुई थी।

आमतौर पर, वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने में 18 से 24 महीने का समय लगता है। ऐसे में 2026 की शुरुआत में ही प्रशासनिक पदों पर नियुक्तियों का होना यह दर्शाता है कि 1 जनवरी 20260 से देय संभावित लाभों की गणना और ढाँचे पर काम शुरू हो चुका है।

व्यय विभाग की भूमिका इस नियुक्ति को विशेष रूप से व्यय विभाग (Department of Expenditure) के तहत किया गया हैं। यह विभाग वित्त मंत्रालय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो केन्द्र सरकार की वित्तीय नीतियों और सार्वजनिक व्यय के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है। वेतन आयोग के निदेशक के रूप में एक अनुभवी IRAS ( भारतीय रेलवे लेखा सेवा) अधिकारी का चयन वित्तीय जटिलताओं को समझने और कर्मचारियों की मांगों व सरकारी खजाने के बीच संतुलन बनाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

आदेश में यह भी उल्लेखित है कि उल्लेख है कि श्री कृष्ण को उनके वर्तमान कर्त्तव्यों से तत्काल मुक्त कर नए असाइनमेंट को संभालते के निर्देश दिए गये हैं। यह मामले की प्राथमिकता को भी दर्शाता है।

यह भी पढ़े – INSPECTOR GRADE PAY CASE : CRPF इंस्पेक्टर ग्रेड पे पर सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, दिल्ली हाई कोर्ट से अवमानना नोटिस जारी l

8th Pay Commission : कर्मचारियों की अपेक्षाएं और चुनौतिय़ाँ :-

• Fitment Factor :- वर्तमान में न्यूनतम मूल वेतन की गणना के लिए 2.57 का फिटमेंट फैक्टर उपयोग किया जाता है। कर्मचारी यूनियनों की मांग है कि इसे बढ़ाकर 3.68 या उससे अधिक किया जाए।

• महंगाई भत्ता (DA) का विलय :- क्या सरकार 50% या उससे अधिक DA होने पर उसे मूल वेतन में विलय करेगी?

• वेतन अंतराल में कमी:- निचले स्तर के कर्मचारी और शीर्ष अधिकारियों के वेतन के बीच के अतर को कम करना एक बड़ी चुनौती होगी।

• पेंशन सुधार:- पुरानी पेंशन योजना (OPS) बनाम नई पेंशन योजना (NPS) बनाम यूनिफाइड पेंशन योजना (UPS) का विवाद अभी भी गर्म हैं, और वेतन आयोग के पास इस संबंध में सुझाव देने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।

यह भी देखे – अर्धसैनिक बलों पर संसद में सरकार ने दे दी बहुत महत्वपूर्ण जानकारी |

कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी यह Ofice Memorandum केवल एक अधिकारी का स्थानान्तरण नहीं है, बल्कि 8वें वेतन आयोग के कार्य के प्रगति की दिशा में एक बड़ा कदम है। आगामी समय में, जैसे-जैसे आयोग के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की घोषणा होगी, देश के लगभग 48 लाख केन्द्रीय कर्मचारियों और 67 लाख पेंशनभोगिय़ों की नजरें इसके हर फैसले पर टिकी होंगी I सरकार का यह कदम आर्थिक नियोजन और कर्मचारी कल्याण के बीच तालमेल बिठाने की एक लंबी प्रक्रिया की शुरुआत है।

( संदर्भ :- भारत सरकार, कार्यालय ज्ञापन संख्या 18/01/2025 -EO-(MM-II) दिनांक 12 फरवरी 2026)

 

 

Leave a Comment