CAPF VACANCY : केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में 93 हजार से अधिक पद खाली – राज्यसभा में सरकार का बड़ा खुलासा
देश की आंतरिक सुरक्षा की रीढ माने जाने वाले केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) में भारी संख्या में पद रिक्त ( CAPF VACANCY ) पडे है। राज्यसभा में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया की वर्त्तमान समय में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और असम राइफल में 93 हजार से अधिक पद खाली है। यह जानकारी आतारांकित प्रश्न संख्या 1348 के उत्तर में सरकार की ओर दी गई।
CAPF VACANCY : कुल स्वीकृत पद और वर्त्तमान स्थिति
सरकार द्वारा संसद में दिए गए आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी 2026 की स्थिति में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और असम राइफल में कुल स्वीकृत पदों की संख्या 10,72,692 है। इनमें से वर्त्तमान में 9,69,645 पदों पर जवानों की तैनाती है, जबकि 93,139 पद अभी भी खाली पड़े हैं। यह कमी सीधे तौर पर बलों की कार्यक्षमता और जवानों के कार्यभार पर असर डालती है।
विभिन्न बलों में रिक्तियों की स्थिति अलग-अलग है। असम राइफल में 3,749, बीएसएफ में 14,531, सीआइएसएफ में 28,342, सीआरपीएफ में 27,400, आईटीबीपी में 12,333 और एसएसबी में 6,784 पद रिक्त हैं। सबसे अधिक कमी सीआइएसएफ और सीआरपीएफ में देखने को मिल रही है, जो देश की आंतरिक सुरक्षा में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं।
CAPF VACANCY : भर्त्ती प्रक्रिया तेज करने के लिए सरकार के कदम
सरकार ने अपने जवाब में यह भी बताया कि इन रिक्त पदों को भरना एक सतत प्रक्रिया है और इसे तेज करने के लिए कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। गृह मंत्रालय के अनुसार भर्त्ती प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।

कॉन्सटेबल (जनरल डियूटी) पदों के लिए वार्षिक भर्ती सुनिश्चित करने हेतु कर्मचारी चयन आयोग (SSC) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इससे भर्त्ती परीक्षाओं का नियमित आयोजन संभव हो सकेगा। इसके अलावा कॉन्स्टेबल, सब इंस्पेक्टर और असिस्टेंट कमांडेंट स्तर की भर्तियों के समन्वय के लिए एक नोडल बल को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
भर्त्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए शारीरिक मानक परीक्षण (PST) और शारीरिक दक्षता परीक्षण (PET) के दौरान रेडिया फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही मेडिकल जांच में लगने वाले समय को कम कर दिया गया है ताकि चयन प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके।
जहां उम्मीदवारों की संख्या कम देखी जा रही है, वहां कट ऑफ अंको में भी आवश्यकतानुसार कमी की जा रही है ताकि अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थियों को मौका मिल सके।
CAPF VACANCY : आधुनिकीकरण पर कितना खर्च हुआ?
सिर्फ भर्ती ही नहीं, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के आधुनिकीकरण को लेकर भी सरकार ने संसद में अहम जानकारी दी। “पुलिस अवसंरचना योजना” के तहत केंद्रीय अर्धसैनिक बल, असम राइफल और एनएसजी के लिए कार्यलय भवन, आवासीय भवन, भूमि अधिग्रहण और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर काम किया जा रहा है।
15वे वित्त आयोग चक्र के तहत वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक इस योजना के लिए कुल 18,131.14 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है।
पिछले पांच वर्षो के दौरान केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों के आधुनिकीकरण के लिए आवंटित बजट इस प्रकार रहा-
- 2021-22 : 281.51 करोड़
- 2022-23 : 248.30 करोड़
- 2023-24 : 202.27 करोड़
- 2024-25 : 181.21 करोड़
- 2025-26 : 352.92 करोड़ रुपये (31 जनवरी 2026 तक)
इन वर्षों में कुल 1,266.21 करोड़ रुपये केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों के आधुनिकीकरण परियोजऩाओं पर खर्च किए गए हैं।
CAPF VACANCY : क्या आपातकालीन निधि बनाई गई है?
सदन में यह भी पूछा गया कि क्या केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तत्कालिक परिचालन जरूरतों को पूरा करने के लिए कोई आकस्मिक निधि बनाई गई है। इस पर सरकार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसी कोई अलग निधि स्थापित नही की गई हैं। बलों की आवश्यकताओं को नियमित बजटीय प्रावधानों के माध्यम से पूरा किया जा रहा है।
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CAPF VACANCY : जवानों पर बढता दबाव – एक बड़ी चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में पदों का खाली रहना अर्धसैनिक बलों के लिए गंभीर चुनती है। अर्धसैनिक बल के जवान पहले से ही कठिन परिस्थितियों में लंबे समय तक डियूटी करते हैं। रिक्तियों के कारण मौजूदा जवानों पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ता है, जिससे मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ता है।
लंबे समय से केंद्रीय अर्धसैनिक बलों से जुडे संगठन यह मांग करते रहे हैं कि भर्तियों में तेजी लाई जाए और जवानों को बेहतर सुविधाएं दी जाएं। ऐसे में सरकार द्वारा भर्त्ती प्रक्रिया में सुधार और आधुनिकीकरण के प्रयास सकारात्मक संकेत जरूर हैं।
निष्कर्ष
राज्यसभा में दिया गया यह जवाब स्पष्ट करता है कि सरकार केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में मानव संसाधन की कमी को लेकर गंभीर है। भर्त्ती प्रक्रिया को तेज करने, पारदर्शिता बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन योजनाओं का असर जमीन पर कितनी जल्दी दिखाई देगा और कब तक 93 हजार से अधिक रिक्त पदों को भरकर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को पूरी क्षमता के साथ काम करने योग्य बनाया जाएगा।
समाप्त।
तो फिर निकालो ना वेकेंसी बहुत से लोग अपने आप आयेंगे टेस्ट देने के लिए